PAC Ki Jankari

PAC Ki Jankari Salary Duty Leaving : पुलिस और पीएसी में अन्तर

PAC यानी Provincial Armed Constabulary के बारे में सम्पूर्ण जानकारी आज हम लेकर आयें हैं। Uttar Pradesh Civil Police और PAC में क्या अन्तर हैं और दोनों में से कौन सी नौकरी बढ़िया है, किस प्रकार की नौकरी, क्या-क्या करना होता है, कहाँ पर ड्यूटी करते हैं, कितनी सैलरी मिलती है, कितने घण्टे काम करते हैं, छुट्टी कितनी दी जाती हैं. क्योंकि अभी-अभी UP Police 41520 का परिणाम घोषित किया गया है, बहुत से अभ्यर्थियों ने हमें इसके बारे में बताने के कहाँ इसलिए आज हम इसकी सारी और PAC की सम्पूर्ण जानकारी नीचे प्रोवाइड कराई जायेगी|

PAC Ki Jankari

यह एक आर्म्ड पुलिस की नौकरी, जिसे उत्तर प्रदेश राज्य के लिए 1940 ई. में द्वितीय विश्‍व युद्ध के दौरान उत्तर प्रदेश सेना पुलिस की 13 कम्‍पनियां आंतरिक सुरक्षा बनाये रखने हेतु गठित की गयी, अर्थात् पुलिस के अलावा अतिरिक्त बल की व्यवस्था की गई थी, जिसके लिए PAC का गठन किया गया शुरू में जिनकी संख्‍या युद्ध के दौरान बढा कर 36 कम्‍पनियां की गयी| सितंबर 1947 में इसकी कम्पनियाँ बढा दी गई जिनमें 11 बटालियन ( 86 कम्‍पनियां ) गठित की गयीं| 11वीं बटालियन, PAC को प्रशिक्षण बटालियन बनाया गया। देश आजाद होने के बाद वर्ष 1948 में उत्तर प्रदेश सैन्य पुलिस व उत्तर प्रदेश राज्य सशस्त्र पुलिस को मिलाकर प्रादेशिक आर्म्‍ड कांस्टेबुलरी बना| हालांकि PAC का गठन उत्तर प्रदेश में कार्य करने के हुआ था परन्‍तु अब पीएसी को सम्‍पूर्ण देश में सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ|

PAC Work (PAC के कार्य)

आपकों बतां दे कि PAC नें विगत् 65 वर्षों में विभिन्‍न परिस्थितियों में देश को गौरव प्रदान किया। भारत तिब्‍बत सीमा की रक्षा करने एवं असम में उग्रवाद का दमन करने का कार्य PAC ने किया| इसने अपनी ताकत भारत के बाहर नेपाल में भी साबित की। विगत वर्षों में पीएसी ने सांप्रदायिक, धार्मिक, जातीय और क्षेत्रीय गड़बडियों को प्रभावी तौर से निपटाने वालों के तौर पर अपनी प्रतिष्ठा स्‍थापित की है|

अक्सर आलोचना के घेरे में रहने पर, आम तौर पर भयवीत करने वाली और कभी-कभी खतरनाक कार्यों के लिये पीएसी एक अत्यधिक मांग वाला अर्द्धसैनिक बल है और अक्सर संकट की स्थिति में अन्य राज्यों में भी तैनात किया जाता है| PAC को खास परिस्थितियों में तैनात किया किया जाता है. अर्थात् जैसे – हॉल ही में कुम्भ मेला में PAC को लगाया था. उत्तर प्रदेश या किसी राज्य में जहाँ पुलिस से स्थिति नहीं सम्भल पाती है वहाँ पर तैनात किया जाता है, चुनाव में ड्यूटी हेतु PAC को लगाया जाता है,  किसी रैली को अच्छे से सम्पादित करवाने हेतु PAC को लगाया जाता है|

Difference PAC & Civil Police

PAC और Civil Police यानी पुलिस कांस्टेबल में बहुत बड़ा अन्तर हैं. PAC की बात करें तो यह एक संगठित बल है. जो एक बटालियन में होता है. जबकि पुलिस का कार्य थानों, कोतवाली और राज्य में विशेष जगह पर होता है|PAC के लिए ज्यादा खास काम नहीं होता है, क्योंकि जब कहीं दिक्कत होती है. तब उन्हें तैनात किया जाता है. इसमें इन्हें 3 महीने स्थायी और 9 महीने अस्थायी जगह पर होना होता है, जबकि पुलिस में कोई फिक्स नहीं होता है कि कितने दिन तक एक जगह पर कार्य करना है|

PAC & Civil Police Salary

पीएसी और Civil Police के वेतन की बात करें तो दोनों को सैलरी लगभग-लगभग एक समान दी जाती है. अगर दोनों में सैलरी के अन्तर की बात करें तो लगभग PAC का वेतन थोड़ा सा ज्यादा होता है। 7वें वेतन लगने के बाद अब मूल वेतन दोनों का लगभग 21,700 रूपये प्रतिमाह कर दिया गया है. जिसमें आपको विभिन्न प्रकार के भत्ते और सुविधाओं के बाद आपकी सैलरी ट्रेनिंग में 25,000 रूपये के लगभग होती है और ट्रेनिंग के बाद थोड़ा सा पेमेन्ट बढ़ जाता है. जो बढ़कर लगभग 28,000 से 30,000 रूपये प्रतिमाह हो जाता है|

Civil Police & PAC Leaving ( छुट्टियाँ )

दोनों में छुट्टियाँ अलग-अलग प्रकार से दी जाती है. कुल छुट्टी जोड़े तो लगभग 60 से 70 दिन तक पूरे वर्ष में दी जाती है. जहाँ पर CL (आकस्मिक छुट्टी) और EL (आधिकारिक छुट्टी) छुट्टियाँ होती है। अगर दोनों की छुट्टी कंपेयर करें तो पुलिस वाले अपनी सारी छुट्टी पूरी नहीं कर पाते अर्थात् उन्हें आसानी से छुट्टी नहीं मिलती जबकि PAC वाले को छुट्टी आसानी से मिल जाती है|

PAC Structure (संचरना)

वर्तमान में पीएसी का संगाठत्‍मक संरचना – वर्तमान में PAC में 3 जोन, 7 अनुभाग एवं 33 वाहिनियों में विभाजित हैं। पीएसी की 33 वाहिनियों में कुल 273 दल स्‍वीकृत हैं, जबकि जनशक्ति की कमी के कारण वर्तमान में 200 दल विद्यमान हैं। प्रत्‍येक वाहिनी में एक सेनानायक, एक उप सेनानायक, 3 सहायक सेनानायक, एक शिविरपाल एवं 8 या 9 दलनायक नियुक्‍त रहते हैं, प्रत्‍येक दल में 03 प्‍लाटून और प्रत्‍येक प्‍लाटून में 03 सैक्‍सन होते हैं।

कहाँ पर ड्यूटी होती है

वर्तमान में पी0ए0सी0 में एक इंडिया रिजर्व (आई0आर0) वाहिनी 48वीं वाहिनी, सोनभद्र एवं रैपिड रिस्‍पान्‍स (आर0आर0एफ0) की 6ठीं वाहिनी, मेरठ में है। 04 कमांडो दल, ए0के047 रायफलों से युक्‍त हैं। प्रदेश के सर्वाधिक संवेदनशील स्‍थल राम जन्‍म भूमि/बाबरी मस्जिद अयोध्‍या, कृष्‍ण जन्‍म भूमि/शाही ईदगाह मथुरा एवं काशी विश्‍वनाथ मन्दिर/ज्ञानवापी मस्जिद वाराणसी, आगरा ताजमहल सुरक्षा में 27 दल सदैव कर्तव्‍यरत रहते हैं|

पीएसी आतंकवाद विरोधी अभियान, अति विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा, आपदा राहत हेतु बाढ़, भूकंप, दुर्घटनाओं, आदि में पूर्णरूप से शम्मिलित है|

कैसी लगी हमारी यह PAC से सम्बन्धित जानकारी। अगर आपको अभी भी कोई PAC से सम्बन्धित कोई समस्या हो तो हमें नीचे कमेण्ट करके जरूर बतायें|

9 Comments to “PAC Ki Jankari Salary Duty Leaving : पुलिस और पीएसी में अन्तर”

  1. Jai hind sir,
    My name is nitesh prajaati .
    Post Nizamabad.
    Dist Azamgarh (u.p)

  2. My name Ghanendra Kumar
    PAC ya railway group d
    Kis Mai salary jyada milti hai please bataen

  3. Please send notifications…

  4. sir, mujhe ye puchna tha ki kya p.a.c.me sports cota bhi h mera mtlb h ki kya hm vha jakr sports khel skte h agr khel skte h to kon kon se khel khel skte h andr kitne khel hote h or kis khel ko khelne se hm nsnl khel skte h…plz tell me sir?

  5. वर्दी कहां से मिलती है ट्रेनिंग के समय पैसों से लेनी पड़ेगी या फिर वहीं से मिलेगी ट्रेनिंग कहां हो सकती है पीएसी की

    1. जब आप ट्रेनिंग के लिए आमद करेगें तो आपको खुद के पैसों से वहाँ वर्दी इत्यादि सामान विभाग की ओर से दिया जायेगा।

  6. Sir kya PAC संवीदा ki naukari hai.

    1. Ji Nahi. Ye Permanent Job H

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